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क़ज़ा रोज़ों का कैलकुलेटर

डालें कि कितने रोज़े छूटे और हफ़्ते के किन दिनों में रोज़ा रख सकते हैं। देखें कि कब पूरे होंगे और क्या अगले रमज़ान से पहले हो जाएँगे।

क़ज़ा रोज़े आपके चुने हुए दिनों पर रखे जाते हैं, रमज़ान, ईद-उल-फ़ित्र और ईद-उल-अज़हा के दिनों (10 से 13 ज़िलहिज्जा) को छोड़कर।
आपके क़ज़ा रोज़े
पिछले सभी रमज़ानों के वो रोज़े जोड़ें जिनकी क़ज़ा अभी बाकी है।
जिन दिनों रोज़ा रख सकते हैं
बहुत से लोग सोमवार और गुरुवार को रोज़ा रखते हैं। दिन चुनने के लिए उन पर टैप करें।
फ़िदया (ज़रूरी नहीं)
उनके लिए जो बुढ़ापे या लंबी बीमारी की वजह से बिल्कुल रोज़ा नहीं रख सकते: हर छूटे रोज़े के बदले एक मिस्कीन को खाना खिलाएँ।

छूटे हुए रोज़ों की क़ज़ा

बीमारी, सफ़र, हमल (प्रेग्नेंसी), दूध पिलाने, हैज़ (माहवारी) या निफ़ास की वजह से रमज़ान में छूटे रोज़े बाद में रखे जाते हैं, हर छूटे दिन के बदले एक दिन। लगातार रखना ज़रूरी नहीं, और आप अपनी सहूलियत के दिन चुन सकते हैं, जैसे वीकेंड या सोमवार और गुरुवार।

रोज़े की जगह फ़िदया

जो बिल्कुल रोज़ा नहीं रख सकता और आगे भी उम्मीद नहीं, जैसे बहुत बूढ़ा व्यक्ति या लंबी बीमारी वाला, वह रोज़े की जगह हर दिन के बदले एक मिस्कीन को खाना खिलाए। अपने इलाक़े में रकम के बारे में किसी आलिम या लोकल दारुल-इफ़्ता से पूछें।

उदाहरण से समझें

10 रोज़े छूटे, 2 की क़ज़ा हो चुकी, 4 अक्टूबर 2026 से सोमवार और गुरुवार को रोज़ा

8 दिन बाकी हैं। हफ़्ते में दो रोज़े रखने से आखिरी क़ज़ा रोज़ा 29 अक्टूबर 2026 को होगा, रमज़ान 1448 से काफ़ी पहले, जो लगभग 8 फ़रवरी 2027 को शुरू होने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या क़ज़ा रोज़े लगातार रखने ज़रूरी हैं?

नहीं। आप इन्हें साल भर में उन दिनों में फैला सकते हैं जिनमें रोज़ा रखना जायज़ है।

क्या शुक्रवार या शनिवार को क़ज़ा रोज़ा रख सकते हैं?

हाँ। फ़र्ज़ रोज़ों की क़ज़ा किसी भी दिन जायज़ है, सिवाय ईद के दिनों और ईद-उल-अज़हा के बाद के तीन दिनों के।

अगर ठीक से याद न हो कि कितने रोज़े छूटे?

बहुत से उलमा सलाह देते हैं कि ज़्यादा वाला अंदाज़ा लें, ताकि ज़िम्मेदारी पक्के तौर पर पूरी हो जाए।

क्या क़ज़ा रोज़ा और नफ़्ल रोज़ा एक साथ रख सकते हैं?

बहुत से उलमा सोमवार या अरफ़ा के दिन जैसे दिनों में क़ज़ा रोज़े की नीयत की इजाज़त देते हैं, और दोनों के सवाब की उम्मीद रखते हैं। अपने मामले में किसी भरोसेमंद आलिम से पूछें।

आख़िरी बार जाँचा गया: अक्टूबर 2026। यह प्लानर आपके क़ज़ा रोज़ों को व्यवस्थित करने में मदद करता है, यह फ़तवा नहीं है। रमज़ान और ईद की तारीखें उम्म अल-क़ुरा कैलेंडर से हैं और ऐलान किए गए चाँद देखने से एक दिन अलग हो सकती हैं।

यह पेज अरबी से अनुवाद किया गया है। अगर कुछ समझ न आए या गलत लगे, तो कृपया हमें बताएँ।