होम / ब्लॉग
ब्लॉग
हमारे कैलकुलेटर के साथ काम आने वाली गाइड: बिलों पर बचत कैसे करें, अपने अधिकार कैसे समझें और आगे की प्लानिंग कैसे करें।
सऊदी अरब में एंड-ऑफ़-सर्विस: इस्तीफ़ा देने या कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म होने पर क्या मिलता है
नौकरी किस तरह ख़त्म हुई, इससे आपकी एंड-ऑफ़-सर्विस की रकम ज़ीरो से लेकर पूरी रकम तक बदल सकती है। सऊदी लेबर कानून कैसे काम करता है, असली नंबरों के साथ देखें।
लेख पढ़ें →
घर पैसे भेजने का सबसे सस्ता तरीका: फ़ीस बनाम एक्सचेंज रेट
बिना फ़ीस वाला ट्रांसफ़र हमेशा सबसे सस्ता नहीं होता। असली बात यह है कि आपके परिवार को असल में कितने पैसे मिलते हैं। तुलना ऐसे करें।
लेख पढ़ें →
रमज़ान का आसान बजट: इफ़्तार, फ़ित्रा और ईद
रमज़ान इबादत का महीना है, लेकिन ज़्यादा ख़र्च का भी। थोड़ी सी प्लानिंग से महीना सुकून से गुज़रता है और सदक़े और ईद के लिए भी काफ़ी बच जाता है।
लेख पढ़ें →
परिवार को खाड़ी बुलाना: तनख़्वाह की शर्त और सालाना ख़र्च
साथ रहना बहुत कीमती है, लेकिन रेज़िडेंस फ़ीस, इंश्योरेंस और स्कूल का ख़र्च बढ़ता जाता है। खाड़ी का हर देश क्या शर्त रखता है और साल का कितना ख़र्च आता है, यहाँ देखें।
लेख पढ़ें →
फ़्लैट रेट बनाम APR: बैंक लोन को सस्ता कैसे दिखाते हैं
खाड़ी में ज़्यादातर कार लोन और पर्सनल लोन फ़्लैट रेट के साथ दिखाए जाते हैं। यह कम लगता है, लेकिन असली सालाना ख़र्च लगभग दोगुना होता है। वजह नंबरों के साथ देखें।
लेख पढ़ें →
बचत, सोने और तनख़्वाह पर ज़कात कैसे लगती है
ज़कात इस्लाम का एक स्तंभ (रुक्न) है और आपके माल का एक तय हिस्सा है जो ज़रूरतमंदों का हक़ है। इसके नियम उतने मुश्किल नहीं जितना बहुत लोग समझते हैं।
लेख पढ़ें →
खाड़ी में ओवरटाइम का पैसा: मालिक को क्या देना होता है
खाड़ी का हर लेबर कानून आम दिन से ज़्यादा घंटों के लिए अतिरिक्त पैसा ज़रूरी करता है। रेट कितना है, और यह बेसिक तनख़्वाह पर है या पूरी तनख़्वाह पर, यह देश पर निर्भर है।
लेख पढ़ें →
खाड़ी में सोना ख़रीदना: कैरेट, मेकिंग चार्ज और सही दाम
सूक़ (बाज़ार) में सोने का दाम रोज़ दुनिया के दाम के साथ चलता है, लेकिन आप कितना देते हैं यह कैरेट, मेकिंग चार्ज और टैक्स पर भी निर्भर है। दाम ऐसे जाँचें।
लेख पढ़ें →
बिजली का बिल कैसे कम करें: 12 टिप्स जो खाड़ी देशों में काम करते हैं
खाड़ी की गर्मियों में AC आपकी दो-तिहाई बिजली खा सकता है। इन टिप्स से बिल कम होता है, और घर का आराम भी कम नहीं होता।
लेख पढ़ें →